राहुल गांधी द्वारा दिए गए भाषण ने देश की राजनीति में ला दिया भूकम्प

Ludhiana Highlights | कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा कल संसद में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान दिए गए भाषण ने देश की राजनीति में भूकम्प ला दिया है। ये विचार पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने प्रकट किए। जाखड़ ने संसद में राहुल के भाषण के बाद ट्वीट करते हुए कहा कि राजनीति में भूकम्प आ गया है। राहुल ने नफरत व भय फैलाने वाली भाजपा व मोदी सरकार को संसद में मुंहतोड़ जवाब दे दिया। इसी तरह कांग्रेस हमेशा मूल्यों व संस्कृति की विचारधारा को बढ़ावा देती रही है, जबकि दूसरी ओर भाजपा सरकार ने देश में विभिन्न

July 22, 2018

Canada Airport पर रोके गए आप विधायक और उनसे की पूछताछ

Ludhiana Highlights | ओटवा हवाई अड्डे पर आम आदमी पार्टी के विधायक कुलतार सिंह संधवा और अमरजीत सिंह संदोआ को कैनेडियन आधिकारियों द्वारा रोकने का मामला सामने आया है। अधिकारियों ने विधायकों से पूछताश के बाद उन्हें छोड़ दिया। इनसे क्या पूछताछ हुई इसके बारे में अभी पता नहीं चल सका है। जानकारी के मुताबिक कुलतार सिंह संधवा कोटकपूरा से और अमरजीत सिंह संदोआ रोपड़ से ‘आप’ विधायक हैं। संदोआ गैरकानूनी माइनिंग दौरान हुई मारपीट के कारण सुर्खियों में आए थे। उक्त मामला रोपड़ के इलाके नूरपुर बेदी का था। फिलहाल वह एक अन्य मामले को लेकर चर्चा में हैं ।

July 22, 2018

राहुल के भाषण पर केंद्रीय मंत्री हरसिमरत भड़क उठीं और कहा,” ये पप्पी झप्पी एरिया नहीं

Ludhiana Highlights | अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के भाषण पर अकाली दल की सांसद और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर भड़क उठीं । उन्होंने कहा कि ये सांसद हैं । ये पप्पी झप्पी एरिया नहीं है । दरअसल राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान कहा था कि सदन स्थगित होने के दौरान बीजेपी के कई सांसद उनके पास आए और उन्होंने हमारे भाषण की तारीफ की है । आपके सांसद ही आपको चुनाव में हराएंगे। जानकारी के आधार पर उन्होंने यह कहा के वो देखिए अकाली दल की सांसद तो हमें देखकर मुस्कुरा रही हैं ।

July 22, 2018

अब सैलरी पर पड़ेगी GST की मार, कंपनियां यू कम करेंगी अपना टैक्स बोझ?

अब आपकी सैलरी पर जीएसटी का असर दिखने जा रहा है। इकोनॉमिक टाइम्स ने दावा किया है कि इस असर के चलते देशभर की कंपनियां अपने कर्मचारियों के सैलरी पैकेज में बड़े बदलाव की तैयारी में हैं क्योंकि अब कर्मचारी की सैलरी का ब्रेकअप कंपनियों पर भारी पड़ेगा। शॉपिंग और रेस्टोरेंट बिल के बाद ये और बड़ा झटका होगा।

हाउस रेंट, मोबाइल और टेलिफोन बिल, हेल्थ इंश्योरेंस, मेडिकल बिल, ट्रांस्पोर्टेशन जैसे सैलरी का ब्रेकअप यदि जीएसटी के दायरे में आ जाएगा तो कंपनियों को आपकी सैलरी पैकेज को नए सिरे से निर्धारित करना होगा। टैक्स जानकारों ने कंपनियों को सलाह देना शुरू कर दिया है कि वह अपने एचआर डिपार्टमेंट को कर्मचारी के सैलरी ब्रेकअप को नए सिरे से समझने के लिए कहे। जानकारी है कि अथॉरिटी ऑफ एडवांस रूलिंग (एएआर) के हाल में दिए एक फैसले के बाद कंपनियां कर्मचारी की सैलरी को लेकर सजग हो गई हैं और वह अपनी टैक्स देनदारी बचाने के लिए नए सैलरी ब्रेकअप पर काम कर रही हैं। और एएआर ने एक खास मामले में फैसला दिया है कि कंपनियों द्वारा कैंटीन चार्जेस के नाम पर कर्मचारी की सैलरी से कटौती जीएसटी के दायरे में होगी। इस फैसले के बाद जानकारों का मानना है कि कंपनियों द्वारा कर्मचारियों की दी जा रही कई सुविधाएं जिसके ऐवज में सैलरी में कटौती की जाती है को जीएसटी के दायरे में कर दिया जाएगा। फिलहाल कंपनियां कर्मचारी को कॉस्ट टू कंपनी के आधार पर सैलरी पैकेज तैयार करती थी और कई सेवाओं के ऐवज में कटौती को सैलरी का हिस्सा बनाकर दिया जाता है। लेकिन अब यदि इसे जीएसटी के दायरे में लिया जाता है तो कंपनियां किसी कर्मचारी की कॉस्ट टू कंपनी को ही आधार रखते हुए उसके ब्रेकअप में बदलाव करेंगी जिससे कंपनी की टैक्स देनदारी पर कोई प्रभाव न पड़े.टैक्स जानकारों के मुताबिक कर्मचारियों की सैलरी में कई ऐसे ब्रेकअप शामिल रहते हैं जिनके ऐवज में कंपनियां सेवा प्रदान करती है और कर्मचारियों को इन सेवाओं के ऐवज में पेमेंट बिना किसी रसीद के मिल जाता था। इसके चलते टैक्स विभाग के लिए इन सेवाओं पर जीएसटी का अनुमान लगाना मुश्किल होता है और कंपनियां अपनी सुविधा पर अपना टैक्स बचाने के लिए कर्मचारियों की सैलरी ब्रेकअप तैयार करती हैं। लिहाजा, कंपनी द्वारा कर्मचारी को दी जा रही सेवाएं यदि जीएसटी के दायरे में आती हैं तो कंपनियों की कोशिश देश जीएसटी को भी कर्मचारी के कॉस्ट टू कंपनी में जोड़ दे जिससे उसकी टैक्स देनदारी पर असर न पड़े।