भाजपा ने महबूबा मुफ्ती से तोड़ा गठबंधन, भाजपा ने की राज्य में राज्यपाल शासन की मांग

Ludhiana Highlights | भाजपा ने आज जम्मू-कश्मीर की महबूबा मुफ्ती सरकार से रिश्ता तोड़ लिया है। साथ ही भाजपा ने राज्य में राज्यपाल शासन की मांग की है। भाजपा का कहना है कि राज्य की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और महबूबा ठोस कदम नहीं उठा रही, हालांकि केंद्र ने राज्य सरकार को पूरी मदद दी। भाजपा ने सीमा पार से आतंकी गतिविधियों, पाकिस्तानी सैनिका की फायरिंग और विपक्ष के तीखे हमलों के मद्देनजर पीडीपी से अलग होने का बड़ा फसाला लिया। महबूबा मुफ्ती ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया है। इससे पहले भाजपा के मंत्रियों ने अपना इस्तीफा मुफ्ती

June 19, 2018

भारतीय बैंकों को लगा एक और बड़ा झटका, 6500 करोड़ रुपए लेकर भागा रीड एंड टेलर, हिली सरकार

बराक ओबामा- अमिताभ बच्चन से लेकर जिस ब्रांड के कपड़े पहनते थे, अब दिवालिया होने की कगार पर वह कंपनी रीड एंड टेलर  पहुंच गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रीड एंड टेलर और एस कुमार्स के मालिक  6500 हजार करोड़ से भी अधिक का लोन डिफाल्ट करने के बाद डिफाल्टरों की काली सूची में आ गए हैं। उनका पासपोर्ट  विजय माल्या और नीरव मोदी की तरह विदेश भागने की आशंका में भी जब्त कर लिया गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार नितिन कासलीवाल रीड एंड टेलर और एस कुमार्स के मालिक पर 6,500 करोड़ का लोन है। यह लोन अब वे चुकाने की स्थिति में नहीं है। जानबूझकर पैसा नहीं चुकाने वालों की लिस्ट में कासलीवाल को  शामिल कर लिया गया है। जबकि कासलीवाल ने कोर्ट का रुख करके दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की है।

इन बैंकों का सबसे ज्यादा पैसा फंसा
नितिन कासलीवाल पर भी विजय माल्या और नीरव मोदी की तरह  6,500 करोड़ से भी अधिक का लोन बाकी है। जिन बैंकों से  कासलीवाल ने ज्यादा लोन लिया था उनमें SBI, PNB, IDBI, कारपोरेशन बैंक, केनरा बैंक जैसी राष्ट्रीयकृत बैंक शामिल हैं। इसके अलावा यूनियन बैंक, सेन्ट्रल बैंक, जम्मू एंड कश्मीर बैंक और इंडियन बैंक से भी कर्ज ले रखा है। इन बैंकों में कासलीवाल ने निजी गारंटी पर अपनी कंपनियों, एसकेएनएल, RTIL और BHRL के लिए लोन ले रखे हैं। पिछले साल ही एस कुमार्स ग्रुप के मुखिया नितिन कासलीवाल का पासपोर्ट भी  जमा करवा लिया गया था। जिन बैंकों से  नितिन ने लगभग 6,500 रुपए का कर्ज लिया था उन्हें डर था कि वो कहीं विजय माल्या जैसे विदेश न भाग जाएं, इसलिए कर्नाटक हाईकोर्ट ने उनका पासपोर्ट जब्त करवा लिया गया था। इसके बाद शंभू कुमार कासलीवाल की पासपोर्ट रिलीज करने की अर्जी भी कोर्ट ने खारिज कर दी थी।