कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्ज यूनियन ने सरकार विरोधी नीतियों के खिलाफ की हड़ताल, पनबस को नहीं चलने देंगे

Ludhiana Highlights | राज्य सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ पंजाब रोडवेज/पनबस कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्ज यूनियन ने & दिवसीय हड़ताल करके पंजाब भर की बसों का चक्का जाम करने की चेतावनी दी थी, जिसके चलते आज यूनियन ने बस स्टैंड परिसर में सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए रोष रैली निकाली। इसमें रोडवेज कर्मी भी कॉन्टै्रक्ट वर्कर यूनियन के समर्थन में आए। यूनियन की सैंट्रल बॉडी द्वारा कोई सूचना न मिलने से बस स्टैंड को बंद नहीं किया गया बल्कि बस स्टैंड पर आवागमन पहले जैसा ही था। इस हड़ताल से जहां सरकार को घाटा सहना पड़ रहा है वहीं यात्रियों को भी सरकारों

July 17, 2018

“मेयर ने बुलाई निगम अफसरों की मीटिंग; बरसात से परेशान लोगो कि लिए जारी किए नंबर “

Ludhiana Highlights | हम आपके लिए और आपके साथ हैं, कृपया हमारे साथ सहयोग दें |मेयर बलकार सिंह संधू ने लुधियाना नगर निगम से पूछा है अधिकारियों को यह विश्वास दिलाने के लिए चल रहे बरसात के मौसम के दौरान निवासियों को किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है। आज आयोजित की एक बैठक के दौरान मेयर संधू ने कहा लुधियाना एमसी लुधियाना शहर के निवासियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उन्हें बरसात के मौसम के दौरान किसी तरह का दुःख नहीं झेलने देगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी समस्या के मामले में, जनता निम्नलिखित

July 17, 2018

देश के ऐसे गांव जहां सारे ही करोड़पति है

Ludhiana Highlights | भारत में गांव आम तौर पर कच्चे घरो, कच्ची सड़को व पिछड़ेपन के लिए मशहूर है । लेकिन देश के गुजरात में ऐसे गांव भी है जिन्हे अमीरो के गांव कहा जाता है । इन गांव में अत्यंत खुशहाली है और विकास में यह गांव कई शहरों से बेहतर है ।

यहाँ के लोगो के अरबो रूपये बैंको में जमा है । गुजरात के कच्छ क्षेत्र बल्दिया गांव सबसे खुशहाल गांव माना जाता है । चौड़ी सड़के, बड़े बड़े आलीशान घर इस गांव के विकास का परिचय देते है । यहाँ के 8 बैंको का 2 साल का रिकॉर्ड देखे तो इनमे 2 हजार करोड़ रूपये जमा है । गांव के अधिकतर लोग विदेशो में रहते है इसलिए कई मकानों में ताले पड़े हुए है । बल्दिया से कुछ ही दूरी पर स्थित है गांव माधापुर । इस गांव में 9 बैंक है और दर्जनों ऐ.टी.एम लगे हुए है । लोगो ने कई साल तक विदेशो में मेहनत कर पैसा कमाया है । गांव के लोगो के अनुसार लोग विदेशो में जाते है, पैसा कमाते है लेकिन आखिर में वो गांव में आकर ही रहते है । गांव के अधिकतर नौजवान विदेशो में है, इसलिए इन गाँवो में नौजवान कम और बड़े बूढ़े ज्यादा नजर आते है । लगभग 100 साल पहले इन गाँवो के लोगो ने अच्छी ज़िंदगी और ज्यादा कमाई के लिए विदेशो का रुख किया था ।